इराक से अलग कर स्वतंत्र कुर्दिस्तान को लेकर हुए जनमत संग्रह को अमेरिका ने मान्यता देने से इनकार कर दिया है. अमेरिका के विदेशमंत्री रेक्स टिलरसन ने बल देकर कहा है कि इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में होने वाले जनमत संग्रह के परिणामों को वाशिंग्टन मान्यता नहीं देता है.

ध्यान रहे सयुंक्त राष्ट्र सहित दुनिया भर की बड़ी महाशक्तियों के विरोध के बावजूद 25 सितंबर को मसऊद बारेज़ानी के आग्रह पर कुर्दिस्तान में जनमत संग्रह आयोजित हुआ था. जिसकों सयुंक्त राष्ट्र ने भी मान्यता प्रदान नहीं की है. संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव के प्रवक्ता स्टिफेन दुजैरिक ने भी कहा है कि संघ इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में होने वाले जनमत संग्रह के परिणामों को मान्यता नहीं देता है.

इस जनमत संग्रह के चलते मध्य-पूर्व में तनाव बना हुआ है. स्वतंत्र कुर्दिस्तान को लेकर जनमत संग्रह में 92 प्रतिशत इराकी कुर्दों ने मतदान किया है. जनमत संग्रह में 3305952 मतदाताओं ने वोट किया था. जिसमे 92.73 प्रतिशत मतदाताओं ने कुद्र की स्वतंत्रता के लिए मतदान किया. जनमत संग्रह में कुल 72.61 फीसद वोटिंग हुई.

इराक के प्रधान मंत्री हैदर अल अबादी स्वतंत्र कुर्दिस्तान को दुसरे इजरायल का नाम दे चुके है. उन्होंने कहा कि वे कुर्दिस्तान के रूप में दुसरे इजरायल को मान्यता नहीं देंगे. ध्यान रहे इजरायल ने सबसे पहले आगे बढ़कर इस जनमत संग्रह का समर्थन किया है.

ऐसे में अब इस जनमत संग्रह के परिणामों को रद्द करने की मांग की जा रही है. कुर्द सीमा पर इराक, ईरान और तुर्की ने सैन्य अभियान शुरू कर दिया है.

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