Saturday, July 31, 2021

 

 

 

बीजिंग 2022 ओलंपिक के खिलाफ तिब्बतियों और उइगर मुस्लिमों ने किया प्रदर्शन

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बीजिंग में 2022 होने जा रहे ओलंपिक खेलों के बहिष्कार का आह्वान करते हुए दर्जनों उइगर और तिब्बतियों ने बुधवार को ओलंपिक संग्रहालय के बाहर प्रदर्शन किया।

स्विट्जरलैंड, फ्रांस, जर्मनी और लिकटेंस्टीन के प्रदर्शनकारियों ने वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की मेजबानी करने वाले स्विस शहर लुसाने में रैली निकाली।

यूरोप में तिब्बती युवा संघ के अध्यक्ष ताशी शितसेत्संग ने एएफपी को बताया, “हम आज यहां लुसाने में ओलंपिक संग्रहालय के सामने आईओसी को यह बताने के लिए एकत्र हुए हैं कि हम बीजिंग के 2022 ओलंपिक मेजबान देश के साथ ठीक नहीं हैं।”

उन्होंने कहा, “बीजिंग 2008 में मेजबान देश रहा है और तब से मानवाधिकार की स्थिति बद से बदतर होती चली गई है। इसलिए हम … अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बीजिंग 2022 का बहिष्कार करने का आह्वान करते हैं।”

प्रदर्शनकारियों ने तिब्बती और पूर्वी तुर्किस्तान के झंडे लहराए और “नो राइट्स, नो गेम्स” और “स्टॉप नरसंहार गेम्स” की नारे लिखी हुई तख्तियां पकड़ी थी।  इस दौरान कई ने पारंपरिक पोशाक पहनी थी।

शित्सेत्संग ने कहा, “चीनी सरकार ने हाल ही में तिब्बती भाषा, तिब्बती संस्कृति और पहचान को अनिवार्य रूप से मिटाने के लिए एक बहुआयामी अभियान शुरू किया है, और वही पूर्वी तुर्किस्तान में उइगरों के लिए जाता है।”

उन्होने कहा, “हम सभी ने देखा है कि अभी उइगर लोगों के खिलाफ नरसंहार हो रहा है।”

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