मिस्र के तांता और अलेक्जेंड्रिया के दो अलग-अलग चर्चो को निशाना बनाकर किये गए हमलें में 45 लोगों की मौत के बाद राष्ट्रपति अब्दुल फ़तेह अल सीसी ने देश में तीन महीनों का आपातकाल लगा दिया है. इस हमलें की जिम्मदारी खूंखार आतंकी संगठन आईएस ने ली हैं.

देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक पहला धमाका काहिरा से करीब 120 किलोमीटर दूर नील डेल्टा में तांता शहर के सेंट जॉर्ज कॉप्टिक चर्च में हुआ. इसमें 27 लोगों की मौत हो गयी जबकि 78 अन्य घायल हो गए. कॉप्टिक चर्च के प्रमुख पोप टावाड्रोस 2 भी यहां के धार्मिक समारोह में शरीक हुए थे. हालांकि वे सुरक्षित हैं. इससे पहले, नील डेल्टा में तांता शहर के सेंट जॉर्ज कॉप्टिक चर्च में धमाका हुआ था, और इसमें 25 लोग मारे गए थे.

इजिप्ट इंडिपेंडेंट वेबसाइट की ख़बर के मुताबिक एक पुलिस ऑफ़िसर एक आत्मघाती हमलावर की डिवाइस को चर्च के भीतर विस्फोट करने से रोक रहा था तभी वह भी मारा गया. मिस्र की सरकार ने आपातकाल के साथ देश में  तीन दिन के शोक की घोषणा की है. इसके अलावा सीसी ने देशभर में सेना तैनात करने का भी एलान किया है.

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पोप फ्रांसिस इस महीने के बाद मिस्र जाने वाले हैं. उन्होंने इन हमलों की निंदा की है.  पिछले साल दिसंबर में भी काहिरा के कॉप्टिक कैथेड्रल चर्च में एक धमाका हुआ था और इसमें 25 लोग मारे गए थे.

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