नई दिल्ली: इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनल्लाह ने सोमवार को देशद्रोह और आतंकवाद को खत्म करने के आरोपों से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि यहां सभी के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी, क्योंकि यह भारत नहीं है, बल्कि पाकिस्तान है।

दरअसल, अतहर मिनल्लाह अवामी वर्कर्स पार्टी (AWP) और पश्तून तहफुज मूवमेंट (PTM) के 23 कार्यकर्ताओं की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे, जिन्हें 28 जनवरी को इस्लामाबाद पुलिस ने पीटीआई प्रमुख और जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता मंज़ूर पश्तीन की गिरफ़्तारी के विरोध में गिरफ्तार किया था।

जैसे ही इस्लामाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनल्लाह ने 23 प्रदर्शनकारियों द्वारा दायर जमानत याचिकाओं की सुनवाई फिर से शुरू की, इस्लामाबाद के उपायुक्त हमजा शफकत ने अदालत को बताया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी आरोप हटा दिए गए हैं।

डिप्टी कमिश्नर के बयान के आधार पर अदालत ने प्रदर्शनकारियों की जमानत याचिकाओं फैसला करते हुए मामले को खत्म किया। मुख्य न्यायाधीश मिनल्लाह ने कहा कि इस्लामाबाद प्रशासन के बयान के बाद सभी याचिकाएं निष्प्रभावी हो गई हैं।

28 जनवरी को अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि पश्तों की गिरफ्तारी के विरोध में हजारों लोग राजधानी इस्लामाबाद और देश के सबसे बड़े शहर कराची सहित पूरे पाकिस्तान में सड़कों पर उतर आए। उन्हें 27 जनवरी को पेशावर में हिरासत में लिया गया था।

पशीन ने जनवरी में डेरा इस्माइल खान में दिए भाषण में देश की सेना पर मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया था, जिसके लिए सरकार ने उसके खिलाफ राजद्रोह और “आपराधिक साजिश” के आरोप लगाए। इसके बाद, उन्हें एक स्थानीय अदालत ने जमानत से वंचित कर दिया और हिरासत में रखा गया।

Loading...
लड़के/लड़कियों के फोटो देखकर पसंद करें फिर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

 

विज्ञापन