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सीरिया की की राजधानी दमिश्क़ के निकट ” पूर्वी ग़ोता” में भीषण युद्ध जारी है और इस युद्ध के दो महत्वपूर्ण पक्षों के सामने  राजनीतिक व सैनिक रूप से संकट को खत्म करने के तीन रास्ते हैं।

पहलाः अलकायदा, दाइश और अन्नुस्रा फ्रंट के आतंकवादी इस क्षेत्र से निकल जाएं।

दूसराः इस क्षेत्र में रहने वाले तीन से चार लाख आम नागरिक को बाहर निकाल लिया जाए।

तीसराः इस इलाक़े सीरिया और उसके घटकों की कार्यवाही जारी रहे जिसमें आम नागरिक भी मरते रहें।

संयुक्त राष्ट्र संघ में सीरिया के प्रतिनिधि ” बश्शार जाफरी ” ने तीसरी राह पर बल देते हुए कहा है कि हम ” पूर्वी गोता” को दूसरा ” एलेप्पो” बन देंगे।

पूर्वी गोता में चरमपंथी नागरिकों को मानव ढाल बना रहे हैं।

दर अस्ल सीरिया की सरकार के  लिए समस्या उस समय खड़ी हो गयी जब पूर्वी गोता से आतंकवादियों ने राजधानी दमिश्क़ पर मिसाइल बरसाने शुरु कर दिये जिसकी वजह से 17 लोगों की मौत हो गयी जिनमें बच्चे भी शामिल थे। सीरिया की सरकार के लिए अपनी जनता के सामने जवाबदही कठिन हो गयी इसी लिए सीरिया ने ” पूर्वी गोता” में ” काम तमाम ” करने का फैसला किया।

दोनों पक्ष एक दूसरे युद्ध विराम का आरोप लगा रहे हैं और आरोपों के इस ढेर में सच्चाई कहीं छुप गयी है लेकिन अच्छी बात यह है कि पूर्वी गोता में युद्ध करने वाले तीन महत्वपूर्ण चरमपंथी संगठनों ने नरमी दिखायी है और इलाक़े से अन्नुस्रा फ्रंट के लड़ाकों और उनके परिजनों को बाहर भेजने में सहयोग पर तत्परता प्रकट की है।

पूर्वी गोता में ” बेगुनाह” लोगों के खिलाफ बमबारी पर पूरी दुनिया में जारी मीडिया वॉर भी हल्की हो गयी है जबकि खबरों के मुताबिक जिन आवासीय क्षेत्रों में आतंकवादी छुप हैं उन पर बमबारी की तेज़ी में भी कमी आयी है इस लिए अब युद्ध विराम के पालन और शांति स्थापित होने की संभावना तेज़ी से बढ़ रही है।

अमरीका और उसके यूरोपीय घटक पूरी तरह मैदान से बाहर नज़र आ रहे हैं जबकि रूसी राष्ट्रपति पुतीन पुरी तरह सक्रिय हैं जिसका अदांज़ा ब्रिटेन के विदेश मंत्री की ओर से इस धमकी से कि अगर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल साबित हुआ तो ब्रिटेन कार्यवाही करेगा, और वाशिंग्टन के इस आरोप से लगाया जा सकता है कि रूस आग लगाता है और फिर खुद ही उसे बुझाता है।

ट्रम्प को भी पूर्वी गोता में आज और उससे पहले एलेप्पो में अमरीका को किनारे लगाए जाने पर बेहद गुस्सा है और हमें नहीं लगता कि उन्हें सीरिया पर क्रूज़ मिसाइलों से हमले के लिए रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के बहाने की भी ज़रूरत होगी।

सीरियाई सेना को पूर्वी एलेप्पो पर क़ब्ज़ा करने के लिए रासायनिक हथियारों की कोई ज़रूरत नहीं पड़ी और इसी तरह  उसके बाद ” दैरुज़्ज़ूर” में भी उसकी ज़रूरत नहीं पड़ी  तो फिर अब अगर कोई यह सोचता है कि एक लाख सैनिकों की भागीदारी के पूर्वी गोता पर क़ब्ज़े के लिए जारी अभियान में सीरियाई सेना को रासायनिक हथियारों की ज़रूरत पड़ेगी तो यह हैरत की बात है।

पूर्वी गोता से अन्नुस्रा फ्रंट के चरमपंथियों के निकलने से संकट का समाधान हो जाएगा और अगर अन्नुस्रा फ्रंट के चरमपंथी पूर्वी गोता से निकलने से इन्कार करते हैं तो फिर वह दिन दूर नहीं हैं जब हम यह देखेंगे गोता में आज सीरियाई सेना के खिलाफ लड़ने वाले सशस्त्र गुट, सीरियाई सेना के साथ मिल कर अन्नुस्रा फ्रंट के खिलाफ लड़ रहे होंगे।

पूर्वी गोता में चरमपंथियों के साथ आम नागरिकों की उपस्थिति रूस, सीरिया और ईरान को कदापि स्वीकार नहीं होगी क्योंकि उनकी नज़र में यह दोनों तेल और पानी की तरह हैं जिन्हें एक दूसरे में मिलाया नहीं जा सकता खासकर उस समय जब पूर्वी गोता से  राजधानी दमिश्क पर मिसाइल बरसाए जा रहे हों इस लिए बहुत जल्द नागरिकों और चरमपंथियों को अलग कर दिया जाएगा।

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