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2017 में यूनाइटेड किंगडम को एक के बाद के कई कई उग्रवादी हमलों का सामना करना पड़ा जिनमें लंदन ब्रिज, वेस्टमिंस्टर, मैनचेस्टर और फिन्सबरी पार्क के हमले शामिल है. जिसके परिणामस्वरूप कई निर्दोष की मौतें हुईं. इन हमलों के बाद हमेशा की तरह मुस्लिमों को शक की निगाह से देखा जाने लगा.

ऐसे में मुस्लिमों के खिलाफ फैलाई जा रही दक्षिणपंथियों की नफरत का जवाब देने के लिए देश के मुसलमानों ने अनोखा कदम उठाते हुए देश की 200 से अधिक मस्जिदों के दरवाजे गैर मुस्लिमों के लिए खोल दिए गए ताकि उनके बीच इस्लाम के प्रति मौजूद गलत धारणा को सही किया जा सके.

मुस्लिम काउंसिल ऑफ ब्रिटेन (एमसीबी) के नेतृत्व में, रविवार को इस तरह का आयोजन किया. जिसमे खुद ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीज़ा में शामिल हुई. उनके अलावा लंदन के महापौर सादिक खान, वेस्ट मिडलैंड्स महापौर एंडी स्ट्रीट, लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बीन आदि ने स्थानीय मस्जिदों में पहुंचे.

ब्रिटेन में वर्ष 2015 से धर्मों के बीच संवाद के उद्देश्य से यह कार्यक्रम शुरू किया गया है जिसके तहत अन्य धर्मों के बहुत से लोग मुसलमानों की मस्जिदों में जाते हैं और अलग अलग धर्मों के लोगों के बीच बातचीत का बड़ा अच्छ कार्यक्रम होता है.

Jeremy Corbyn at Finsbury Park mosque in his constituency at last year's Visit My Mosque Day
Jeremy Corbyn at Finsbury Park mosque in his constituency at last year’s Visit My Mosque Day

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने मैडेनहेड मस्जिद का दौरा किया. इस दौरान वे हिजाब पहने हुए थी. उन्होंने मस्जिद के बारे में पूरी जानकारी हासिल की. उन्होंने मस्जिद में मौजूद लोगों को गले लगाकर उनका अभिवादन किया. मस्जिद के नेताओं ने मई के गले लगाने की सराहना की और आशा व्यक्त की कि इस साल चौथी बार आयोजित ये वार्षिक आयोजन, इस्लाम के बारे में अधिक ब्रिटिश को शिक्षित करेगा.

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