म्यांमार में मुस्लिम रोहिंग्या अल्पसंख्यक के खिलाफ हिंसा को अमेरिका ने जातीय सफाए का नाम देते हुए सयुंक्त राष्ट्र में कहा कि म्यांमार रोहिंग्याओं का जातीय सफाया कर रहा है.

गुरुवार को अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ जारी हिंसा को रोकने को लेकर जब तक म्यांमार की सेना पर्याप्त कदम नहीं उठाती है तब तक उसकी हथियारों की आपूर्ति रोकी जानी चाहिए.

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उन्होंने कहा, म्यांमार में जारी जातीय हिंसा के खिलाफ निरंतर अभियान चलाने की जरूरत है और हम वहां के प्रशासन की क्रूरता को देखते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई करने डर नहीं सकते हैं. म्यांमार की सेना को मानवाधिकार और मौलिक स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए.

हेली ने सयुंक्त राष्ट्र से मांग करते हुए कहा कि जिन लोगों पर हिंसा करने का आरोप लगे हैं, उन्हें तत्काल जिम्मेदारियों से मुक्त कर देना चाहिए तथा उनके खिलाफ इसके लिए मुकदमा चलाया जाना चाहिए.

ध्यान रहे म्यांमार में लोकतंत्र कायम होने पर बराक ओबामा सरकार ने ये प्रतिबंध हटा लिए थे, जिसके चलते उसे अमेरिकी सहायता मिलने लगी है और दोनों देशों के बीच व्यापार शुरू हो गया है.

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