Thursday, December 9, 2021

संयुक्त राष्ट्र ने की भारत की आलोचना – रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस भेजने के फैसले को बताया गलत

- Advertisement -

संयुक्त राष्ट्र ने भारत के उस फैसले की तीखी आलोचना की है जिसमे रोहिंग्या मुस्लिमों को हिंसाग्रस्त म्यांमार वापस भेजना है.

सयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख जैद राद अल हुसैन ने कहा कि मैं रोहिंग्या लोगों को उस समय वापस भेजने को लेकर भारत में उठाए जा रहे मौजूदा कदमों की निंदा करता हूं जब उनके देश में उनके खिलाफ हिंसा हो रही है.

भारत को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति जवाबदेह बताते हुए उन्होंने कहा, ‘भारत सामूहिक तौर पर इन्हें नहीं निकाल सकता है या ऐसी जगह पर नहीं भेज सकता है, जहां इनके लिए उत्पीड़न या हिंसा का खतरा मौजूद है.’ उनके मुताबिक भारत में शरण लेने वाले 40 हजार रोहिंग्या मुसलमानों में 16,000 के पास शरणार्थी दस्तावेज मौजूद हैं.

रोहिंग्याओं के खिलाफ म्यांमार में जारी हिंसा को लेकर हुसैन ने कहा, ‘अल्पसंख्यक रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ हिंसा और अन्याय नस्लीय सफाये की मिसाल मालूम पड़ती है.’ उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि म्यांमार ने मानवाधिकार जांचकर्ताओं को जाने की इजाजत नहीं दी है, मौजूदा स्थिति का पूरी तरह से आकलन नहीं किया जा सकता, लेकिन यह स्थति नस्ली सफाए का उदाहरण प्रतीत हो रही है.’’

इसी के साथ उन्होंने भारत में कथित गोरक्षकों की हिंसा के संदर्भ में हो रही हिंसा का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा,गाय की रक्षा के नाम पर लोगों के खिलाफ भीड़ के हमले चिंताजनक हैं. मौलिक अधिकारों के लिए बोलने वालों को भी धमकी दी जा रही है.

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles