ईरान की राजधानी तेहरान में आयोजित दो दिवसीय फिलिस्तीन सम्मेलन बुधवार को संपन्न हो गया हैं. इस दौरान एक घोषणापत्र जारी किया गया जिसमे फिलिस्तीन को इस्लामी जगत  और अरब देशों के लिए पहली प्राथमिकता बनाए रखने साथ ही फिलिस्तीन की आज़ादी की ओर विश्व समुदाय के ध्यान को दिलाने के लिए ज़ोर दिया गया.

सम्मलेन का उद्घाटन करते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने अपने भाषण में कहा है कि फिलिस्तीनी राष्ट्र की एकता और प्रतिरोध को एकमात्र रास्ते के तौर पर स्वीकार किया जाना ज़रूरी है क्योंकि प्रतिरोध ने दक्षिणी लेबनान और गज़्ज़ा पट्टी की स्वतंत्रता के दौरान अपनी उपयोगिता सिद्ध की है.

उन्होंने दुनिया भर के मुसलमानों से गुजारिश की हैं कि फिलिस्तीन की पीड़ित जनता की मदद के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए. उन्होंने इजराइल के जालिमाना शासन का मुकाबला करने के लिए  वर्तमान इन्तेफाज़ा आंदोलन को एक प्रमुख रास्ता बताया.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

इसी के साथ उन्होंने सात दशकों से जारी फिलिस्तीन को गुलामी को गुलामी की जंजीर से आजाद कराने के साथ बैतुल मुकद्दस को राजधानी को घोषित किये जाने के साथ फिलिस्तीनी देश के गठन की बात कही. घोषणापत्र में विश्व समुदाय से अपील की गयी है कि वह इस्राईल पर प्रभावशाली रूप में दबाव डाल कर गज़्जा पट्टी की घेराबंदी सहित उसके अमानवीय अपराधों  पर अंकुश लगाएं. इस सम्मेलन में विश्व के 80 देशों से 700 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

Loading...