तुर्की ने अपने देश में नीदरलैंड के राजदूत के राजदूत के प्रवेश करने पर रोक लगा दी हैं. इसके साथ ही नीदरलैंड के साथ सभी उच्चस्तरीय संबंध भी स्थगित करने का फैसला ले लिया हैं. ये फैसला नीदरलैंड में तुर्की नेताओं को रैलियाँ करने से रोके जाने के बाद लिया गया हैं.

तुर्की के उपप्रधानमंत्री नुमान कुर्तुलमस ने कहा है कि उनका देश नीदरलैंड के राजदूत को तुर्की वापस नहीं आने देगा और इसके साथ ही उच्चस्तरीय बैठकों को भी तब तक के लिये स्थगित किया जाता है जब तक नीदरलैंड जनमत संग्रह से पहले विदेश में रैलियां आयोजन करने की तुर्की की शर्तों पर सहमत नहीं हो जाता.

कुर्तुलमस ने कहा कि अंकारा ने नीदरलैंड के साथ उच्चस्तरीय संबंधों को निलंबित करने के साथ ही तुर्की के लिये नीदरलैंड की राजनयिक उड़ानों से संबंधित अनुमति रद्द करने का निर्णय लिया है. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ”नीदरलैंड जब तक अपने किये की भरपाई नहीं करता तब तक उच्चस्तरीय संबंध और निर्धारित मंत्रिस्तरीय एवं उच्चस्तरीय बैठकें निलंबित की जाती हैं.”

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कारा में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कुर्तुलमस ने कहा, ”यह तय है कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक नीदरलैंड के राजदूत को वापस नहीं आने दिया जाएगा.” राजदूत कीस कोर्नेलिस वैन रिज अभी देश से बाहर हैं और सभी कार्य प्रभारी द्वारा संभाले जा रहे हैं.

गौरतलब रहें कि नीदरलैंड ने तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावूसोगलु के जहाज को नीदरलैंड में उतरने से रोक दिया था. और मंत्री फातमा बेतूल सयान काया को गिरफ्तार कर देश से निष्किासित कर दिया था. ये दोनों नेता 16 अप्रैल को होने वाले जनमत संग्रह में संवैधानिक बदलावों को मंजूरी देने के लिये आवश्यक समर्थन की खातिर नीदरलैंड में रहने वाले तुर्की लोगों के बीच रैलियां करने पहंचे थे.

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