सीरिया के अदलिब के दो गाँवों फ़ुआ व कफ़रिया के लोग अपने बच्चों की भूख मिटाने के लिए खेतों से घास काट रहे है

अदिलब के फ़ुआ व कफ़रिया की आतंवादियों द्वारा जारी घेराबंधी अब तक जारी है, और घाद्य पदार्थों एवं दवाओं की समाप्ति के बाद यह दोनों गाँव मावनीय त्रासदी के मुहाने पर खड़े हैं।

फ़ुआ व कफरिया की घेरेबंदी को तीन साल होने के आए हैं और पिछले चौदह महीनों से किसी भी प्रकार की मानवीय सहयाता न पहुँच पाने के कारण, इन क्षेत्रों पर कठिनाईयों का समय है और भूक के कारण मौत का साया इन दोनों गाँवों पर मंडरा रहा है।

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यहां के अधिकतर घरों में किसी भी प्रकार की खाने की कोई चीज़ नहीं है, यहां तक कि दुकानें भी ख़ाली हो चुकी हैं, और घास एवं जानवरों के खाने वाले चारे के अतिरिक्त कुछ भी दिखाई नहीं देता है, सब्ज़ियां बहुत ही मंहगी क़ीमत पर बेची जा रही है।

फ़ुआ के एक नागरिक ने बतायाः मेरी फ़ुआ के बाज़ार में के दुकान है, मेरी दुकान पहले चीज़ों से भरी रहती थी, लेकिन अब कुछ नहीं बचा है, और जो कुछ है भी वह बहुत महंगा है।

शायद इन घासों के महंगे होने का एक कारण यह है कि इनको लाने और काटने में बहुत ख़तरे हैं, क्योंकि फ़ुआ के अधिकतर क्षेत्र आतंकवादियों के स्नाइपरों और मिसाइलों के निशाने पर हैं, लेकिन भूख हथियारों को चुनौती दे रही है, बड़े बच्चे सभी इन ज़मीनों पर अपनी भूख मिटाने के लिए घास तलाश रहे हैं, इनमें से अधिकतर लोग वह हैं जिनकी जेब और पेट दोनो ख़ाली हैं।

कुपोषण और दवाओं की कमी के कारण फ़ुआ व कफ़रिया में मानव जीवन की स्थिति गंभीर हो चुकी है। इन दोनों क्षेत्रों में भूख गंभीर स्थिति पर पहुँच चुकी है, और आज कर इन दोनों क्षेत्रों के लोग अपने खेतों में घास और चारे की तलाश में भटक रहा है ताकि अपने भूखे बच्चों की टूटती सांसों को रोक कर उनको मौत से बचा सकें।

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