बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की हत्या के विफल प्रयास के मामले में10 आतंकवादियों को मौत की सज़ा सुनाई गई है. इसके अलावा 9 अन्य को 20 साल जेल की सजा सुनाई गई है. ये सभी प्रतिबंधित संगठन हरकत-उल-जेहाद-ए-इस्लामी बांग्लादेश (HUJI) के सदस्य है.

इन सभी को सन 2000 में शैख़ हसीना को जान से मारने की साज़िश रचने का दोषी पाया गया. दरअसल इन लोगों ने गोपालगंज में हसीना के पुश्तैनी गांव के एक मैदान में अति-शक्तिशाली विस्फोटक डिवाइस का इस्तेमाल कर हसीना की हत्या की साजिश रची थी.

आतंकियों ने अपनी साजिश को कामयाब बनाने के लिए 76 किलोग्राम के बम भी प्लांट किए थे. हालांकि समय रहते बम का पता लगा लिया और इस साजिश को विफल कर दिया. पुलिस ने इस मामले में 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. जांच के बाद मुफ्ती हन्नान इस साजिश का मास्टरमाइंड निकला.

ढाका के ट्रायल ट्राइब्यूनल-2 की जज मुम्ताज़ बेगम ने कहा, इन मुजरिमों को हाई कोर्ट की इजाज़त से फांसी के फंदे पर लटकाकर या फिर गोली मार कर सज़ा दी जाएगी. मुक़द्दमे की कार्यवाही के वक़्त सिर्फ़ 8 आरोपी मौजूद थे जबकि बाक़ी को उनकी ग़ैर मौजूदगी में सज़ा सुनायी गयी.

मामले के मुख्य आरोपी हरकत उल जेहाद अल इस्लामी बांग्लादेशी के चीफ मुफ्ती अब्दुल हन्नान को 12 अप्रैल 2017 को फांसी की सजा दी जा चुकी है.

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