मस्जिदों पर लग सकता है टैक्स, तुर्की और जर्मनी के रिश्तों में आएगा तनाव

5:38 pm Published by:-Hindi News

जर्मनी में एक बार फिर से मस्जिद टैक्स लगाने पर चर्चा तेज हो गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि तुर्की और जर्मनी के रिश्तों में खटास आ सकती है।

एक अनुमान के अनुसार जर्मनी में 50 लाख से अधिक मुस्लिम रहते हैं। इनमें से अधिकतर तुर्की और अरब देशों से हैं। तुर्की-इस्लामिक यूनियन ऑफ द इंस्टीट्यूट फॉर रिलीजन जर्मनी में 900 मस्जिदों का संचालन करता है। यह संगठन तुर्की के राष्ट्रपति रेसिप तैयप एर्दोगन के अधीन है।

यहां के मस्जिदों के इमाम को तुर्की की तरफ से पैसे दिए जाते हैं। साल 2017 में जब जर्मनी और तुर्की से संबंधों में तनाव बढ़ गया था उस समय जर्मनी के दो मंत्रियों ने कहा था कि एर्दोगन की खतरनाक विचारधारा को कुछ निश्चित मस्जिदों के जरिये जर्मनी में लाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

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चांसलर अंगेला मर्केल की सीडीयू पार्टी के सांसद थोर्स्टन फ्राई ने जर्मन अखबार ‘डी वेल्ट’ को बताया कि मस्जिद टैक्स एक अहम कदम है, जिससे “जर्मनी में इस्लाम बाहरी देशों की मदद से मुक्त हो जाएगा।’

रिपोर्टों के मुताबिक इस निर्देश पर पहले ही अमल होना शुरू हो गया है। नवंबर में बर्लिन में हुई जर्मनी की इस्लाम कांफ्रेंस में जर्मन गृह मंत्री होर्स्ट जेहोफर ने कहा था कि वह जर्मनी की मस्जिदों में “विदेशी प्रभाव” को कम करेंगे।

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