नेशनल असेंबली मे अफ़ग़ानिस्तानी कैलेंडर के सोलहवें समारोह के अवसर पर अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति ने घोषणा करते हुए कहाः तालिबान ने देश मे अशांति पैदा करके विदेशी ताक़तो को हस्तक्षेप करने और आंतकवादियों को सक्रिय होने का अवसर प्रदान किया है।

काबुल कैलेंडर में अफ़गान संसद के सोलहवें दौर के सातवें वर्ष के आरम्भ पर अशरफ ग़नी ने घोषणा की है कि देश में राजनीतिक वर्ग को संविधान की रक्षा और देश में एकता बनाए रखनी चाहिए।

अफ़गान राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की सेना और रक्षा बलों को चुनाव में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है, हर प्रकार का हस्तक्षेप अस्वीकार्य होगा।

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अशरफ ग़नी ने कहा अफ़गान सरकार तीनो सेनाओ के बीच हमेशा संतुलन बनाने की कोशिश करती है और पिछले दो वर्षों में सबसे अधिक ध्यान सरकार के गठन पर केंद्रति किया गया है।

उन्होंने कहा कि एक वर्ष में 30 से अधिक बार संसद और अफ़ग़ानिस्तान की सीनेट के प्रतिनिधियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया।

अशरफ ने विस्तार के साथ कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में 20 से अधिक आतंकवादी संगठन सक्रिय है और तालिबान ने अशांति पैदा करके इन आतकंवादी संगठनो की संख्या में वृद्धि का अवसर प्रदान किया है।

अफ़ग़ान राष्ट्रपति ने अपने भाषण में कहा तालिबान अफ़ग़ानिस्तान में उपस्थित विदेशी सैनिकों के खिलाफ लड़ने का दावा करते है जबकि वे खुद ही उनकी उपस्थिति और सैन्य हस्तक्षेप का अवसर उपलब्ध कराते हैं।

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