वॉशिंगटन । राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प के एक बेहद ही विवादित फ़ैसले को अमेरिका की सप्रीम कोर्ट ने मंज़ूरी दे दी है। सप्रीम कोर्ट की मंज़ूरी के बाद ट्रम्प के इस आदेश को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया। बताते चले की राष्ट्रपति की शपथ लेने के बाद ट्रम्प ने 6 मुस्लिम देशों के नागरिकों की अमेरिका में एंट्री बैन कर दी थी। जिस पर कई मुस्लिम देशों की तरफ़ से तीखी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की गयी।

इसके अलावा अमेरिका में ही इस फ़ैसले का काफ़ी विरोध हुआ। वर्जीनिया और सेन फ़्रांस्सिको की दो अदालतों में इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ याचिका दाख़िल की गयी जिन पर सुनवाई चल रही है। जबकि एक निचली अदालत ने ट्रम्प के फ़ैसले को पहले ही रद्द कर दिया था जिसके बाद ट्रम्प प्रशासन ने सप्रीम कोर्ट में अपील की थी। मिली जानकारी के अनुसार सप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन की दलीलों से सहमत हुए इस प्रतिबंध को जारी रखने का आदेश दिया है।

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सप्रीम कोर्ट ने 7-2 के बहुमत से ट्रम्प के आदेश को बहाल करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए यह सही फ़ैसला है। मालूम हो कि अदालत में ट्रम्प प्रशासन की और से दलील दी गयी थी की आतंकी हमलों और देश की सुरक्षा को देखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया। सप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वाइट हाउस की तरफ़ से कहा गया कि यह आदेश क़ानूनी है और देश की सुरक्षा के लिए काफ़ी अहम है।

मालूम हो कि इसी साल सितम्बर में ट्रम्प ने 6 मुस्लिम देश, चाड,यमन, सीरिया, सोमालिया, लिबिया और ईरान के नागरिकों पर अमेरिका मे घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से ही अमेरिका में इस फ़ैसले के विरोध में काफ़ी आवाज़ें उठी। फ़ैसले का विरोध करने वाले लोग ट्रम्प की उस दलील से सहमत नही थे की देश की सुरक्षा के लिए यह क़दम उठाया गया। उनका कहना है की यह फ़ैसला अमेरिकी संविधान के ख़िलाफ़ है।

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