काबुल। काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की ओर जाने वाली एक गली में आज एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। अफगानिस्तान की राजधानी में हमलों की एक लहर के दौरान यह ताजा हमला हुआ। किसी भी समूह ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है जो ऐसे समय पर हुआ है जब अफगानिस्तानी बल पूर्वी मजार-ए-शरीफ शहर में भारतीय वाणिज्य दूतावास के निकट घंटों लंबी घेरेबंदी को समाप्त करने के काम में लगे हैं।

अब काबुल एयरपोर्ट के पास आत्मघाती हमला

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नजीब दानिश ने बताया कि ‘काबुल हवाईअड्डे के समीप हमलावर ने अपनी आत्मघाती जैकेट में विस्फोट कर लिया। हताहतों के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।’ दानिश ने कहा कि यह विस्फोट इलाके से गुजर रहे विदेशी बलों के एक काफिले को निशाना बनाकर किया गया, लेकिन पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

अफगानिस्तान की युद्ध पीड़ित राजधानी में यह ताजा हमला है। नववर्ष के दिन शुक्रवार को कार में सवार एक तालिबानी आत्मघाती हमलावर ने काबुल में विदेशियों के बीच लोकप्रिय एक फ्रेंच रेस्तरां ली जार्दिन में हमला किया गया था जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और 15 अन्य लोग घायल हो गए थे।

एक तालिबानी हमलावर ने गत सोमवार को काबुल हवाईअड्डे के निकट विस्फोटकों के लदे एक वाहन में विस्फोट कर दिया था। एक नाटो काफिले को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में एक नागरिक की मौत हो गई थी। ये हमले ऐसे समय पर हुए हैं जब तालिबान के साथ शांति वार्ता फिर से शुरू करने का अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाया जा रहा है।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान शांति के लिए एक समग्र रोडमैप तैयार करने के लिए 11 जनवरी को अफगानिस्तान, पाकिस्तान, अमेरिका और चीन के बीच वार्ता का पहला दौर आयोजित करने वाले हैं। अफगान तालिबानियों पर काफी प्रभाव रखने वाले पाकिस्तान ने जुलाई में पहले दौर की वार्ता की मेजबानी की थी, लेकिन आतंकवादियों द्वारा उनके नेता मुल्ला उमर की मौत की देर से पुष्टि के बाद ये वार्ताएं बाधित हो गई थीं। साभार: ibnlive