सूडान के एक वरिष्ठ अधिकारी और विद्रोही समूहों ने यु’द्ध के अप’राधों के लिए अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय को पूर्व निरंकुश राष्ट्रपति उमर अल-बशीर को सौंपने पर सहमति व्यक्त की है।

अल-बशीर, जिसे पिछले साल एक सार्वजनिक उथल-पुथल के बीच सेना द्वारा पद से हटाया गया था, बशीर पर मानवता के खिलाफ अपराधों और पश्चिमी दार्फूर में युद्ध अपराध और नरसंहार को अंजाम देने के आरोप हैं।

अप्रैल में निष्कासन के बाद से, वे सूडान की राजधानी खार्तूम में भ्रष्टाचार और प्रदर्शनकारियों को मारने के आरोप में जेल में बंद हैं। वो पहले ऐसे राष्ट्राध्यक्ष हैं जिन पर पद पर रहते हुए अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने आरोप लगाया था।

सॉवरिन काउंसिल के सदस्य और सरकारी वार्ताकार मोहम्मद हसन अल-ताशी ने कहा कि उन्होंने द हेग में न्याय का सामना करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय द्वारा वांछित लोगों को सौंपने के लिए डारफुर में विद्रोही समूहों के साथ सहमति व्यक्त की है।

सूडान में अधिकारियों का कहना है कि जिन पर अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने आरोप लगाए हैं उन्हें हेग में ट्राब्यूनल के समक्ष पेश होना होगा।  इस लिस्ट में और कितने नाम हैं ये अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि इसमें सबसे बड़ा नाम पूर्व राष्ट्रपति का ही है।