Thursday, June 17, 2021

 

 

 

बुर्का पर प्रतिबंध से श्रीलंका सरकार ने लिया यू-टर्न, पाकिस्तान ने भी दे डाली धमकी

- Advertisement -
- Advertisement -

श्रीलंका सरकार बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाने की योजना से पीछे हटती हुई नजर आ रही है। दुनिया भर में बड़े पैमाने पर विरोध में उठी आवाज के बाद श्रीलंका सरकार ने कहा कि वह बुर्के पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया में जल्दबाजी नहीं करेगी और इस मामले पर सर्वसम्मति बनने के बाद ही फैसला किया जाएगा।

श्रीलंका की कैबिनेट ने अपनी साप्ताहिक बैठक में नकाब या बुर्के पर प्रतिबंध लगाने के मामले पर विचार नहीं किया। कैबिनेट के प्रवक्ता एवं वरिष्ठ मंत्री केहेलिया रामबुकवेला ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, “यह विचार-विमर्श करने और सर्वसम्मति बनने के बाद ही किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि सरकार “चेहरे को ढकने पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया में जल्दबाजी नहीं करेगी।” मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर विचार-विमर्श के संदर्भ में खुफिया आकलन के आधार पर फैसला किया जाएगा।

इससे पहले सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री सरथ वीरसेकरा ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को एक पेपर पर हस्ताक्षर किए जिसमें बुर्का – बाहरी वस्त्र जो कुछ मुस्लिम महिलाओं द्वारा पहना जाता हैं। जो चेहरे को ढकता है, पर प्रतिबंध लगाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी की मांग की।

वीरसेकरा ने शनिवार को एक बौद्ध मंदिर में एक समारोह में विस्तार से बताया, “बुर्का का राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा प्रभाव पड़ता है।” वेरासेकरा ने कहा, “हमारे शुरुआती दिनों में, हमारे बहुत सारे मुस्लिम दोस्त थे, लेकिन मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों ने कभी बुर्का नहीं पहना।” “यह हाल ही में आए धार्मिक अतिवाद का संकेत है। हम निश्चित रूप से इस पर प्रतिबंध लगाएंगे। ”

वेरासेकर ने यह भी कहा कि सरकार 1,000 से अधिक मदरसों पर प्रतिबंध लगाएगी, उनका कहना है कि वे अधिकारियों के साथ पंजीकृत नहीं हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पालन नहीं करते हैं। श्रीलंका के इस फैसले पर पाकिस्तानी उच्चायोग ने कड़ी आपत्ति जताई है। श्रीलंका में पाकिस्तान के उच्चायुक्त ने कहा है कि इससे श्रीलंका और दुनिया के मुसलमानों की भावनाओं को चोट पहुंचेगी। विरोध जताने के साथ-साथ पाकिस्तान ने इशारों-इशारों में श्रीलंका को धमकी भी दे दी।

बुर्का बैन से जुड़ी एक खबर को ट्वीट करते हुए श्रीलंका में पाकिस्तानी उच्चायुक्त साद खट्टाक ने कहा, “बुर्का बैन से श्रीलंका और दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाएं आहत होंगी। कोरोना महामारी की वजह से श्रीलंका पहले ही आर्थिक मुश्किलों में घिरा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी श्रीलंका को अपनी छवि को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे दौर में, आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद, सुरक्षा के नाम पर इस तरह के विभाजनकारी कदम उठाने से देश में अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों को लेकर सवाल और बढ़ेंगे।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles