सीरिया के सराक़ेब शहर पर क्लोरीन गैस से हमला किया गया हैं. सोमवार देर शाम शहर पर क्लोरीन गैस के दो बैरल गिराए गए हैं. इस घटना में क़रीब 30 लोग प्रभावित हुए हैं जिनमें अधिकतर बच्चे और महिलाएं हैं. यह हमला इदलिब प्रांत के सराक़ब में हुआ जहां विद्रोहियों ने रूसी सेना का मालवाहक हेलीकॉप्टर मार गिराया था.

सराक़ेब में काम करने वाले डॉक्टर अब्दुल अज़ीज़ बारी के अनुसार ” “हमें पता है कि यह क्लोरीन है क्योंकि हम पर पहले भी इस तरह का हमला हुआ है और हम इसकी गंध और इसके लक्षण पहचानते हैं. हमारे पर इसके 28 मामले आए हैं जिनमें ज़्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं.”

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हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इसके पीछे ज़िम्मेदार कौन है. क्लोरीन एक आम औद्योगिक रसायन है और हथियार के तौर पर इसका इस्तेमाल प्रतिबंधित है. क्लोरीन गैस से प्रभावित लोगों को सांस लेने में तकलीफ़ हो सकती है और उनके मुंह से ख़ून निकल सकता है.

इस हमलें को लेकर सरकार और कुछ विद्रोही गुटों ने एक दूसरे पर रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है. हालांकि दोनों ही पक्षों ने इससे इनकार किया है.