2003 में इराक़ पर अमरीका और उसके साथी देशों द्वारा किये गए हमले के बारें में ब्रिटेन में स्पेन के राजदूत ने निंदा करते हुए कहा कि अमरीका और उसके साथी देशों के हमलों का औचित्य पेश करने के लिए सामूहिक हथियारों की उपस्थिति के बारे में तैयार की गयी रिपोर्ट झूठी थी।

स्पैनिश राजदूत फ़ेडरिको त्रियो ने कहा कि इराक़ में सामूहिक विनाश के शस्त्र नहीं थे जबकि अमरीका और उसके घटक इसी दावे के साथ इराक़ पर हमले पर बल दे रहे थे। स्पेन सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, उस समय स्पेन सरकार ने अपने 1 हज़ार तीन सौ सैनिक इराक़ भेजे थे जो दस महीने तक इस देश में रहे। इस दौरान इराक़ में हिंसक कार्यवाहियों और हमलों में 11 स्पैनिश सैनिक मारे गये थे।

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फ़ेडरिको त्रियो ने, जो इराक़ पर सैन्य हमले के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री ख़ोज़े मारया अज़नार सरकार में रक्षामंत्री थे, स्पैनिश रेडियो ओंडासेरो से बात करते हुए कि चिलकाॅट समिति ने अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की कड़ी आचोलन की है क्योंकि समिति का कहना है कि ब्रिटिश सरकार ने इराक़ युद्ध को रोकने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किये।

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