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गाजा पट्टी में कल 78 वर्षीय फिलिस्तीनी को इजरायली बलों ने गोली मार दी और मार डाला. बुज़ुर्ग फिलिस्तीनी के शहीद होने से गाज़ा में मायूसी ही छा गयी है.

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, गाजा में फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज घोषणा की है कि 78 वर्षीय इब्राहिम अहमद नासर अल-अरोकी को अल-मगहाज़ी शरणार्थी शिविर के पूर्व में इजरायली बलों द्वारा निकाली गई दो लाइव गोलियान लगने से उनकी मौत हो गयी.

मंत्रालय ने कई घंटों की जांच के बाद समाचार की पुष्टि की, अल-अरोकी को यह निर्धारित करने के लिए गोली मार दी गई कि बुलेट इज़राइली थी या नहीं. जांच के बाद पता चला की यह गोली इसरायली सैनिकों ने मारी है.

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A picture taken on January 10, 2018

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मंत्रालय के मुताबिक, 30 मार्च को “रिटर्न का महान मार्च” शुरू हुआ था, जिसमें अब तक 193 फिलिस्तीनी सहित 34 बच्चों सहित फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है, और 21,150 फिलिस्तीनी घायल हो गए हैं, जिनमें 4,200 बच्चे और 1,950 महिलाएं शामिल हैं, जिनमें से 5,300 घायल हो गए हैं. लाइव गोला बारूद का उपयोग, जबकि 464 घायल गंभीर स्थिति में है.

“द ग्रेट मार्च ऑफ रिटर्न” विरोध प्रदर्शन गाजा में फिलीस्तीनी द्वारा एक दशकों से अधिक इजरायली घेराबंदी को खत्म करने के प्रयास में शांतिपूर्ण विरोध के रूप में शुरू किया गया था और अपने घरों में लौटने का अधिकार मांगने से उनके परिवार थे जबरन हटा दिया.

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