सऊदी अरब सहित मिस्र, सयुंक्त अरब अमीरात और यमन बहरीन द्वारा आतंकवाद को समर्थन का आरोप देने के बाद क़तर ने अपने रिश्तें तोड़ लिए थे. इसी क्रम में सेनेगल ने सऊदी गुट का समर्थन करते हुए क़तर से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था.

हालांकि अब सेनेगाल ने घोषणा की है कि वह अपने राजदूत को वापस क़तर भेज रहा है. अलजज़ीरा टीवी चैनेल के अनुसार सेनेगल सरकार का कहना है कि क़तर के साथ अरब देशों के मतभेद आरंभ होने के समय हमने अपने राजदूत को सलाह-मशवरे के लिए बुलवा लिया था. उसे वापस क़तर भेजा जा रहा है.

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क़तर के विदेश मंत्रालय में सूचना विभाग के प्रभारी अहमद बिन सईद अर्रमीही ने बताया है कि सेनेगाल के राष्ट्रपति ने क़तर के शासक तमीम बिन हम्द बिन ख़लीफ़ा आले सानी को टेलिफोन करके सूचित किया है कि वह अपने राजदूत को क़तर वापस भेज रहे हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि सेनेगाल द्वारा अपने राजूदत को क़तर भेजने का फैसला दर्शाता है कि क़तर के विरुद्ध बना गठबंधन अब कमज़ोर होने लगा है.

उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब, बहरैन, मिस्र और संयुक्त अरब इमारात ने क़तर पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगाते हुए 5 जून को दोहा से अपने कूटनैतिक संबन्ध तोड़ लिए थे।  क़तर ने इस आरोप का खण्डन किया था.

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