हीला अब्दुल अज़ीज़ उन कई सऊदी महिलाओं में से एक हैं जिन्हें उम्मीद है कि अगले महीने से केवल महिलाओं के लिए जिम को लाइसेंस मिलने से देश में महिलाओं की स्थिति में और सुधार होगा. सऊदी अरब में महिलाएं पुरुषों के साथ व्यायाम नहीं कर सकती हैं. न ही इस देश में महिलाओं के लिए सार्वजनिक खेलों की सुविधाएं हैं, क्योंकि यहाँ कई रूढ़िवादी मुस्लिम मौलवियों ने महिलाओं के लिए खेलों को वर्जित बताया है.

लेकिन पिछले साल रीमा बिन्त बंदार की वजह से बने महिलाओं के लिए जिम को बेहद प्रोत्साहन मिल रहा है. जनरल अथॉरिटी ऑफ़ स्पोर्ट्स की अध्यक्ष रीमा बिन्त बंदार ने पिछले महीने लाइसेंसिंग का अनावरण करते हुए महिलाओं के अधिकारों के संवेदनशील मुद्दे पर बहस को दरकिनार करते हुए कहा था कि ये हमारी लड़कियों के लिए स्वस्थ जीवनशैली के दरवाज़े खोलेगा.

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स्पोर्ट्स अथॉरिटी के एक प्रवक्ता ने बताया कि अप्रैल से लाइसेंस के लिए खेल की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए मंजूरी दे दी जाएगी जो सिर्फ शारीरिक गतिविधि पर ही नहीं बल्कि रोजगार और व्यवसाय के अवसरों पर भी असर डालती है.

39 वर्षीय अब्दुल अज़ीज़ के लिए, महिलाओं को जिम की इजाज़त देना, जबकि अब तक भी खेलों में उनकी भागीदारी प्रतिबंधित है, ये बहुत मायने रखता है. सऊदी में महिलाओं की सेहत सुधारने के मामले में ये बड़ा कदम साबित होगा. ज्ञात हो कि सऊदी में महिलाओं में मोटापे और मधुमेह की दर सबसे अधिक है.

हम अधिक से अधिक संख्या में जिम बनायेंगे और उन्हें सस्ते से सस्ता रखने की कोशिश करेंगे ताकि अधिक से अधिक महिलाएं वहां आयें. उन्होंने कहा कि मेरे पास स्कूल में खेल नहीं था लेकिन बच्चे होने के बाद और अपना वजन कम करने की इच्छुक होने के कारण मेरी खेलों में रुचि हो गई. मैंने घर पर अभ्यास करने की कोशिश की. नूयु जिम चेन की मुख्या कार्यकर्ता अधिकारी सुसान टर्नर कहती हैं कि नूयु के अब तक 5 फिटनेस सेण्टर हैं जो इस साल तक बढाकर 8 कर दिए जायेंगे.

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