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तुर्की स्थित सऊदी दूतावास से लापता हुए पत्रकार जमाल खशोगी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। तुर्की अधिकारियों के हाथ खशोगी की हत्या के अहम सबूत लगे है।

बताया जा रहा है कि खशोगी की मौत इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास में पूछताछ के दौरान हुई। सूत्र ने अल जज़ीरा को बताया कि ह’त्या में लगभग सात मिनट लगे और कहा कि सऊदी फोरेंसिक विशेषज्ञ सलेह अल-तुबाईकी ने खशोगगी के शरी’र को टुकड़े-टुकड़े कर दिया और अपने सहयोगियों से संगीत सुनने के लिए कहा।

तुर्की ने पहले दावा किया था कि सऊदी से 15 लोगों की एक टीम खशोगगी को मारने के लिए इस्तांबुल पहुंची और कहा भवन के अंदर से ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग साबित हुआ है कि वह वहां मा’रा गया था, लेकिन कोई और विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया था।

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जांचकर्ताओं की एक टीम ने सोमवार को नौ घंटे तक इमारत की खोज की और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान ने कहा कि जांचकर्ताओं के अंदर आने से पहले वाणिज्य दूतावास में कुछ “जहरीले पदार्थ” मिले। एक “उच्च स्तरीय” अधिकारी ने एपी को बताया कि पुलिस को खोज के बाद ह’त्या के “कुछ सबूत” मिले थे।

इस बीच सीएनएन ने सोमवार को खबर दी कि सऊदी अरब एक रिपोर्ट तैयार कर रहा है जिसमें वह स्वीकार करेगा कि खशोगी की मौ’त पूछताछ के दौरान हुई। चैनल ने कहा, ‘एक सूत्र ने बताया कि रिपोर्ट में यह निष्कर्ष सामने आ सकता है कि मंजूरी और पारदर्शिता के बगैर अभियान को अंजाम दिया गया और इसमें शामिल लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।’ हालांकि, चैनल ने कहा कि रिपोर्ट में बदलाव भी किया जा सकता है क्योंकि उसे अभी तैयार ही किया जा रहा है।

इससे पहले राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सऊदी अरब के किंग सलमान से बात की जिसमें सलमान ने लापता पत्रकार के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया। सऊदी अरब ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि खशोगी उसके दूतावास से चले गए थे। लेकिन अब तक उसने इसके कोई सबूत नहीं दिए हैं। ट्रंप ने इस मामले में सऊदी अरब को गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी है। उन्होंने सऊदी नेता से बातचीत के लिए अपने विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ को रवाना किया है।

बता दें कि मूल रूप से सऊदी नागरिक खशोगी अमेरिका के वैध स्थाई नागरिक थे और वॉशिंगटन पोस्ट के लिए काम करते थे।

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