काबा के इमाम ने खुतबे में इजरायल के साथ रिश्तों पर दिया ज़ोर, दुनिया भर में रही लानत-मलानत

मक्का की ग्रैंड मस्जिद यानि अल हरम शरीफ के इमाम अब्दुलरहमान अल-सूदैस को अपने खुतबे में सऊदी अरब के इजरायल के साथ सबंधों को सामान्य करने की वकालत करना भारी पड़ गया है। दरअसल मुस्लिम दुनिया ही नहीं अन्य देशों में भी उनकी तीखी आलोचना की जा रही है।

दरअसल, शुक्रवार को अपने खुतबे में अब्दुलरहमान अल-सूदैस ने स्पष्ट रूप से यहूदियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुस्लिमों को गैर-मुस्लिमों के साथ बातचीत करनी चाहिए और उनके प्रति दया का भाव प्रदर्शित करना चाहिए। उनकी ये टिप्पणी संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल के रिश्तों के सामान्यीकरण के बाद सामने आई है।

अल-सूदैस ने खुतबे में मुस्लिम नमाजियों से आह्वान करते हुए कहा, “पारस्परिक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्वस्थ व्यवहार के साथ किसी भी तरह की भ्रांतियों से बचा जाए”। उन्होने कहा, जब स्वस्थ बातचीत की उपेक्षा की जाती है, तो सभ्यताओं में टकराव होगा और जो भाषा सामने आएगी वह हिंसा, बहिष्कार और घृणा में से एक होगी।”

उनके इस बयान के बाद मुस्लिम दुनिया में खलबली मच गई है। दरअसल उन्होने अपने खुतबे में यरूशलेम और अल-कुद्स का भी उल्लेख किया। जहां मुस्लिमों का तीसरा सबसे पवित्र स्थल है और कथित यहूदी देश इजरायल उसे हथियाना चाहता है।

सुदैस ने कहा कि अल-अक्सा मस्जिद को “कैदी” बना लिया गया, यह कहते हुए, “यह एक ऐसा मुद्दा है जो इस्लाम धर्म के लोगों के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है और इसे जुड़े नए संघर्षों को नहीं भूलना चाहिए।” उन्होने कहा, इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। अपने खुतबे के आखिर में उन्होने अल्लाह से “हमलावरों के चंगुल से अल-अक्सा मस्जिद को बचाने” की दुआ की।

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