मक्का: सऊदी अरब के मक्का की मुख्य मस्जिद हरम शरीफ में 2015 में हुए क्रेन हादसे के मामले में आरोपी बिन लादिन ग्रुप सहित 13 आरोपियों को बरी कर दिया है। इस हादसे में 107 लोगों की मौत हुई थी और 230 से ज्‍यादा लोग घायल हो गए थे।

बुधवार को जारी किए गए एक फैसले में, अदालत ने कहा कि उसे इस बात के अलावा कुछ भी नया नहीं मिला है कि मौसम विभाग के अधिकारियों ने घटना के दिन या संभावित तूफान से एक दिन पहले मौसम की चेतावनी नहीं दी थी।

ओकाज अखबार ने अदालत के हवाले से कहा, “अदालत ने दस्तावेजों में नहीं पाया कि मौसम विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण के सामान्य प्राधिकरण ने इस तबाही के खिलाफ चेतावनी दी थी।” यह घटना एक “आपदा थी जो कठिन थी, इसे टालना असंभव नहीं था।”

अदालत ने कहा कि मक्का में हुई घटना को एक खगोलीय घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिसकी भविष्यवाणी करना मुश्किल था और इस तरह प्रतिवादियों को जवाबदेह नहीं ठहराया जा सकता। अब, फैसला अपील न्यायालय को भेजा जाएगा।

इससे पहले सऊदी हुकूमत ने अपनी जांच में पाया था कि बिन लादेन कंपनी ने तेज तूफान के बीच मानकों का पालन नहीं किया था। बिन लादेन ग्रुप के ही जिम्मे मक्का की ग्रैंड मस्जिद में विस्तार का काम था। इस हादसे के बाद बिन लादेन समूह को नई योजनाओं पर नई बोलियां लगाने से रोक दिया गया था।