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इराक़ के क्रांतिकारी धर्मगुरू मुक़तदा सद्र ने सऊदी सरकार की सरकार से अपनी सेना को यमन और बहरैन के बजाए फिलिस्तीन भेजे जाने की मांग की ताकि बैतुल मुक़द्दस को ज़ायोनियों के के कब्जे से आजाद कराया जा सके. इसके लिए उन्होंने सऊदी अरब की मदद करने की भी बात कही.

इसी के साथ उन्होंने कहा कि मैं सऊदी अरब की सरकार से मांग करता हूं कि वह चरमपंथी वहाबी विचारों के मुक़ाबले में पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम की क़ब्र का समर्थन करे और हम इस संबंध में हर प्रकार का सहयोग करने के लिए तैयार हैं.

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साथ ही हम मांग करते हैं जन्नतुल बक़ी के क़ब्रिस्तान की क़ब्रों विशेष कर पैग़म्बरे इस्लाम के परिजनों की क़ब्रों का पुनर्निर्माण किया जाए और इस संबंध में भी हम उनके साथ सहयोग के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.

मुक़तदा सद्र ने इसी तरह मिस्र की सरकार और अलअज़हर विश्वविद्यालय से भी मांग की है कि वे रासुल हुसैन मस्जिद को श्रद्धालुओं के लिए खोल दे. उन्होंने इस्लामी एकता को मज़बूत बनाने की अपील करते हुए कहा है कि हम इराक़ में नज़फ़, कर्बला, आज़मिया या अन्य क्षेत्रों में पवित्र स्थानों का समर्थन करते हैं और इसे अपने लिए गौरव मानते हैं.

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