jam

अमेरिकी अखबार ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ में काम करने वाले सऊदी अरब के एक प्रतिष्ठित पत्रकार की इस्तांबुल में लापता होने के बाद सऊदी अरब और तुर्की आपस में उलझते हुए नजर आ रहे है। जिसके चलते क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को हस्तक्षेप करना पड़ा है।

दरअसल, तुर्की अधिकारियों का कहना है कि जमाल खाशोगी की इस्तांबुल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में ”पूर्व नियोजित तरीके से ह*त्या कर दी गई। बता दें कि जमाल सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान के कटु आलोचक रहे हैं।

पिछले साल से अमेरिका में आत्म निर्वासन में रह रहे खशोगी तुर्की में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास जाने के बाद मंगलवार को लापता हो गये थे। अखबार के संपादकीय पृष्ठ के संपादक फ्रेड हियात ने एक बयान में कहा, ‘अगर जमाल की ह*त्या की खबरें सही हैं, तो यह सरासर गलत कृत्य है।’

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उन्होंने कहा, ‘जमाल प्रतिबद्ध और बहादुर पत्रकार थे। वह अपने देश के लिए प्रेम की भावना से ऊपर उठकर और मानव गरिमा एवं आजादी में गहरे विश्वास के साथ लिखते थे।’

इस मामले में अब क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने आगे आकार तुर्की अधिकारियों को दूतावास में प्रवेश करने की अनुमति प्रदान कर दी है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने शुक्रवार को प्रकाशित ब्लूमबर्ग साक्षात्कार में कहा, “हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।”

उन्होने कहा, परिसर संप्रभु क्षेत्र हैं, लेकिन हम उन्हें प्रवेश करने और खोज करने और जो भी करना चाहते हैं, करने की अनुमति देंगे।

Loading...