सऊदी अरब की और से कतर से रिश्तें तोड़े जाने के बाद शुरू हुआ विवाद का अंत नहीं दिखाई दे रहा है. रिश्तें की सामने बहाली के लिए सऊदी अरब ने कुवैत के जरिए अपनी मांगो की सूची क़तर को सौंपी है, इसी के जवाब में क़तर ने भी अपनी मांगों की सूची सऊदी अरब को सौंपी है. ऐसे में अब सऊदी अरब की प्रतिक्रिया आई है.

सऊदी अरब के विदेश मंत्री अदेल अल-जुबेर ने ट्विटर पर कहा, कतर को लेकर हमारी मांगों पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता. अब यह कतर पर निर्भर करता है कि वह चरमपंथी और आतंकवादी संगठनों को अपना समर्थन देना बंद करें. सऊदी अरब ने अल-जजीरा को बंद करने, ईरान के साथ राजनयिक संबंधों का दर्जा घटाने और अमीरात में तुर्की का सैन्य अड्डा बंद करने समेत कतर के लिए 13 मांगों की सूची रखी है.

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हाल ही में अमेरिका ने सऊदी अरब से कहा कि कुछ मांगें स्वीकार करना कतर के लिए मुश्किल होगा. उसने सऊदी अरब से कहा कि वह उचित और कार्वाई योग्य समस्याओं की सूची रखें. जुबेर की टिप्पणी के कुछ देर बाद टिलरसन ने कतर के शीर्ष राजनयिक शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से मुलाकात की.

विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नॉर्ट ने कहा कि बातचीत सप्ताह भर चलेगी लेकिन उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की मांगें अब भी कतर के लिए चुनौतीपूर्ण है.

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