दुनिया के सबसे पीड़ित अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय को सऊदी अरब ने मदद देने का फैसला किया हैं. सऊदी अरब की सरकार ने चार लाख रोहिंग्या मुस्लिमों को निवास परमिट (इकामा) जारी करने के फैसला किया हैं.

सऊदी अरब सरकार से इकामा मिलने से अब रोहिंग्या मुस्लिमों को सऊदी अरब में ही स्वास्थ्य सुविधा, शैक्षणिक सुविधाएं और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. पहले ही बर्मा के काफी नागरिक 70 से अधिक साल से यहां रह रहे हैं. अब तक बर्मा के 170,000 लोगों को इकामा जारी किया जा चूका हैं.

मक्का में रह रहे बर्मा समुदाय के शेख अबू अलश्मा अब्दुल मजीद ने सऊदी हुकूमत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार के इस कदम से धर्मार्थ संगठनों द्वारा संचालित विद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों को अब पब्लिक स्कूलों में प्राथमिक से माध्यमिक कक्षाओं में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा.

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उन्होंने आगे कहा कि उनके समुदाय के सदस्यों का पासपोर्ट के अभाव में बर्मा लौटने का सपना अधूरा रह गया है, खासकर जब पाकिस्तानी और बांग्लादेशी दूतावासों ने उन्हें पासपोर्ट देने से इनकार कर दिया है. उनहोंने आगे कहा, इकामा मिलने से मुसलमानों के खिलाफ मुकदमा चलाने और यातनाओं का डर भी समाप्त हो गया है.

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