सऊदी अरब बना पानी में खेती करने वाला पहला देश, किंग सलमान के आदेश से हुआ ये कमाल

National Fisheries Development Program (एनएफडीपी) के सीईओ अली अल-शैखी ने घोषणा की है कि सऊदी अरब जलीय कृषि क्षेत्र में पहले देशों में शामिल होने की राह पर है।

अल-शैखी ने अल-अखबारिया के साथ एक इंटरव्यू के दौरान ये इस बात की घोषणा की इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जलीय कृषि (aquaculture sector) में सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठनों में शामिल होने में सफलता के बाद सऊदी अरब इस महान लक्ष्य तक पहुंच जाएगा।

पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय (एमईडब्ल्यूए) ने एशिया-प्रशांत (एनएसीए) में एक्वाकल्चर केंद्रों के नेटवर्क में खुद को अच्छी तरह से ढालने के दौरान किंगडम को इस क्षेत्र में दुनिया के पहले देशों में से एक बनाने का निर्णय लिया है।

अल-शैखी ने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय संगठन हैं जो हमसे पहले और जलीय कृषि के क्षेत्र में काम किया करते थे, और कई अंतरराष्ट्रीय शोध केंद्रों ने भी इस क्षेत्र में काम किया है, लेकिन सऊदी अरब ने इन दो संगठनों में शामिल होकर रास्ता साफ़ कर लिया और ये सऊदी अरब के लिए बड़ी बात है।

गौरतलब है कि दो पाक मस्जिदों के कस्टोडियन किंग सलमान ने कैबिनेट सत्र के दौरान एशिया-प्रशांत (एनएसीए) में जलीय कृषि केंद्रों के नेटवर्क पर समझौते के लिए सऊदी अरब के प्रवेश पर सहमति व्यक्त की थी।

(एनएसीए) का गठन 8 जनवरी, 1988 को बैंकाक में हस्ताक्षरित एशिया और प्रशांत क्षेत्र में एक्वाकल्चर केंद्रों के नेटवर्क पर समझौते नामक एक अंतरराष्ट्रीय संधि द्वारा किया गया था।

विज्ञापन