saudi arabia dont have stamina for fight

सऊदी अरब के विमान तुर्की के हवाई अड्डे पर पहुँच गए

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने यह घोषणा की है कि उसने तुर्की में सीरिया की सीमा के समीप अपने विमान तैनात कर दिए हैं|

इस अड्डे पर तुर्की और अमेरिका के विमान पहले से ही तैनात हैं| इसके अलावा रियाद सीरिया में लड़ाई में भाग लेने के लिए थल-सेना की टुकड़ियां भेजने की संभावना पर भी गौर कर रहा है|  वैसे ‘हुर्रियत’ अखबार ने अपने स्रोतों के हवाले से यह कहा है कि सऊदी विमान अभी तुर्की नहीं आए हैं|

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सऊदी अधिकारी पिछले कुछ समय से  यह कह रहे हैं कि ‘इस्लामी राज्य’ पर जीत हासिल करने के लिए बशर असद को सीरिया के राष्ट्रपति पद से हटाना चाहिए|

सऊदी अरब और तुर्की के बयान आने से पहले ही जॉन कैरी ने सीरियाई टकराव के सभी पक्षों का आह्वान किया कि वे ऐसे कोई कदम न उठाएं जिनसे स्थिति और बिगड़ जाए|

राजनीतिक विश्लेषक कैथरीन शकदम का कहना है कि वाशिंगटन राजनितिक पैंतरों का, चालबाज़ी का शिकार हो रहा है| ‘रशिया टुडे’ से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा:

“मेरे विचार में तुर्की और सूदी अरब बहुत खतरनाक खेल खेल रहे हैं| वे अपनी खुद की लड़ाई में मित्र-देशों को घसीटने की और अपनी कार्रवाइयों का कार्यक्रम उन पर थोपने की कोशिशें कर रहे हैं| समस्या सारी यह है: मुझे यकीन नहीं है कि पश्चिमी देश यह समझ रहे हैं| उनको अभी तक यही वहम है कि स्थिति पर उनका नियंत्रण है, जबकि असल में तुर्की और सऊदी अरब वाशिंगटन ही नहीं, लंदन, पेरिस और बर्लिन को भी अपनी चालबाज़ी में फंसा रहे हैं| प्राकृतिक संसाधनों के ज़ोर पर, तो कभी शरणार्थियों की नई लहर का हौव्वा दिखाते हुए वे पश्चिम एशिया में उन्हें अपनी बीन पर नचा रहे हैं|”

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