भारतीय नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा है कि वह म्यांमार के नेता आंग सान सू की ने रोहिंग्या मामले में बेहद निराश किए हैं, यह “युग की सबसे बड़ी मानवतावादी संकटों में से एक है.”

शनिवार को उन्होंने कहा कि म्यांमार सरकार इस संकट को बेहद ही बुरे तरीके से संभाल रही है. जिसके स्वीकार नहीं किया जा सकता. इस कारण 400,000 से अधिक मुस्लिमों को बांग्लादेश पलायन करना पड़ा है.

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उन्होंने कहा, “लगभग पूरा नोबेल शांति पुरस्कार विजेता समुदाय हमारे सहयोगी नोबेल पुरस्कार विजेता सू ची से बेहद निराश है.”

उन्होंने बाल यौन उत्पीड़न और यातना के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए पैदल-चलने वाले अभियान के तहत भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में अपने दौरे के दौरान यह टिप्पणी की.

सत्यार्थी ने कहा, “राजनीति एक तरफ, यह आबादी के एक विशाल अनुपात का मानवीय संकट है और सू ची को उस परिप्रेक्ष्य से निपटना है.”

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