Thursday, June 17, 2021

 

 

 

रूसी राष्ट्रपति पुतिन बोले – ”मोदी और शी जिनपिंग के बीच में कोई न आए”

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद पर बढ़ा बयान दिया है। उन्होने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दोनों जिम्मेदार नेता हैं,जो दोनों देशों के बीच मुद्दों का समाधान करने में सक्षम हैं।

पीटीआई को दिये इंटरव्यू में पुतिन ने कहा, “हां, मैं जानता हूं कि भारत और चीन के रिश्तों में कुछ मसले हैं, लेकिन पड़ोसी देशों के बीच हमेशा ही कुछ न कुछ मुद्दे होते ही हैं। लेकिन, मैं भारत के प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति, दोनों का मिज़ाज जानता हूं।”

“दोनों ही बेहद ज़िम्मेदार शख़्स हैं और वो दोनों एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। मुझे लगता है कि अपने बीच आने वाली किसी भी समस्या का समाधान खोज लेंगे। लेकिन, ये ज़रूरी है कि किसी और स्थानीय ताक़त को इनके बीच दख़ल नहीं देना चाहिए।”

4 देशों के समूह क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) की रूस द्वारा सार्वजनिक रूप से आलोचना करने के बीच पुतिन ने कहा कि किसी राष्ट्र को किसी पहल में किस तरह शामिल होना चाहिए और उन्हें अन्य देशों के साथ किस सीमा तक संबंध बनाने चाहिए, यह आकलन करने का काम मॉस्को का नहीं है, लेकिन कोई भी साझेदारी किसी अन्य के खिलाफ एकजुट होने के मकसद से नहीं होनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष पांच मई को पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध के हालात बने थे। यह 45 साल में पहली बार था कि गतिरोध के दौरान दोनों पक्षों के सैनिक मारे गए थे। पैंगोंग झील क्षेत्र से सैनिकों को पीछे हटाने के मामले में हालांकि सीमित प्रगति हुई है तथा टकराव के अन्य बिंदुओं पर भी ऐसे ही कदम उठाने के लिए वार्ता में गतिरोध बना हुआ है।

रूस और चीन के बीच बढ़ती करीबी तथा इसके भारत-रूस सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के बीच संबंध काफी तेजी से और सफलतापूर्वक बढ़ रहे हैं और इन संबंधों का आधार ‘विश्वास’है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे भारतीय मित्रों के साथ इस उच्च स्तर के सहयोग की हम अत्यंत सराहना करते हैं। ये संबंध रणनीतिक प्रकृति के हैं। हमारे बीच अर्थव्यवस्था से लेकर ऊर्जा, उच्च प्रौद्योगिकी तक कई क्षेत्रों में व्यापक सहयोग है। जहां तक रक्षा क्षेत्र की बात है, उससे मेरा मतलब सिर्फ रूसी हथियारों की खरीद से नहीं है…भारत के साथ हमारे बहुत गहरे और मजबूत संबंध हैं, जिनका आधार विश्वास है।”

पुतिन ने जोर देकर कहा कि भारत और रूस विशेष रूप से भारत में ही अत्याधुनिक हथियार प्रणाली और प्रौद्योगिकियों के उत्पादन के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और इस लिहाज से भारत, रूस का इकलौता ऐसा साझेदार है। उन्होंने कहा कि लेकिन हमारा सहयोग केवल यहीं तक सीमित नहीं है बल्कि यह बहुआयामी है।

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