Friday, September 24, 2021

 

 

 

रूस ने यूक्रेन नेवी के तीन जहाजों को पकड़ा, सयुंक्त राष्ट्र ने बुलाई आपात बैठक

- Advertisement -
- Advertisement -

रूस ने यूक्रेन के तीन नौसैनिक जहाजों पर हमला करके उन्‍हें अपने कब्‍जे में ले लिया है। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस मामले में एक आपात बैठक बुलाई है। नाटो ने भी इस मामले में यूक्रेन का समर्थन किया है।

इस अप्रत्याशित घटना में रूस ने कहा कि उसने ‘‘यूक्रेन की सेना को रोकने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया’’। रूस का दावा है कि ये पोत उसके जलक्षेत्र में अवैध तरीके से घुस आए थे साथ ही पुष्टि की कि यूक्रेन के तीन नौसैनिक पोतों पर चढ़कर उनकी तलाशी ली गई।

वहीं यूक्रेन की नौसेना का कहना है कि घटना रविवार को हुई जब दो छोटे युद्धपोत और एक टगबोट केर्च जलडमरूमध्य से गुजर रही थी। यह रास्ता एवोज सागर तक जाता है, जिसका इस्तेमाल यूक्रेन और रूस दोनों देश करते हैं। नौसेना ने बताया कि रूस के सीमा सुरक्षा पोत ने खुली आक्रमक कार्रवाई करते हुए टगबोट को टक्कर मारी और इसके बाद जहाजों पर गोलियां चलाईं।

इस घटना के बाद यूक्रेन में मार्शल लॉ लगाने की तैयारी की जा रही है। यूक्रेन के सांसद आज मार्शल लॉ लगाने के एलान पर पर वोटिंग करेंगे। इस बीच यूरोपीय संघ ने रूस से कहा है कि “यूक्रेन को कर्च से आज़ोव सागर में अपने हिस्से में जाने से न रोका जाए।

बता दें कि अजोव सागर की जलीय सीमाएं रूस और यूक्रेन के बीच बंटी हुई हैं। ये सागर जमीन से घिरा हुआ है और काला सागर से इस तंग रास्ते से होकर ही इसमें प्रवेश किया जा सकता है। यह एक साझा क्षेत्रीय इलाका है। यूक्रेन के जहाज आजोव सागर में स्थित मैरीयूपॉल शहर जाते हैं, जहां कब्जा करने वालों को रूस का समर्थन हासिल है।

यहां साल 2014 से लेकर अब तक करीब 10 हजार लोग मारे गए हैं। वर्ष 2014 में रूस ने क्रीमियाई प्रायद्वीप पर कब्‍जा किया है। अजोव सागर में यह एकमात्र संकीर्ण मार्ग है, जहां रूस ने इस ब्रिज को बनाने के लिए लाखों पौंड खर्च किए हैं। इस क्षेत्र में बड़ी तादाद में रूसी नौसेना मौजूद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles