पिछले पांच सालों से चल रही जंग में अब रूस और ईरान जमीन पर अपने सैनिक उतार सकते हैं. अब तक दोनों देश केवल वायु सैन्य अभियान तक सीमित थे.

कहा जा रहा हैं कि इस के लिए दोनों देशो ने पूरी तैयारी कर ली हैं. हालांकि बस सीरियाई राष्ट्रपति बशार असद की ओर से औपचारिक निमंत्रण का इंतेज़ार है. सीरियाई सूत्रों का भी कहना है कि रूस, सीरिया के उन इलाक़ों में अपने सैनिक तैनात करना चाहता है, जहां चरमपंथियों का अधिक ज़ोर है.

वहीँ ईरान का कहना है कि वह सीरिया में आतंकवादियों के ख़िलाफ़ सीरियाई सेना की लॉजिस्टिक मदद कर रहा है और यह सीरियाई सरकार के आग्रह पर है.

रूस भी असद सरकार के औपचारिक निमंत्रण के बाद, इस देश में आतंकवादियों के ख़िलाफ़ हवाई हमले कर रहा है. हालांकि अमरीका समेत कुछ देश सीरियाई सरकार की अनुमति के बिना ही इस देश में सैन्य अभियान चला रहे हैं.

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