बौद्ध आतंकियों और सुरक्षा बलों से अपनी जाना बचाकर म्यांमार से मलेशिया पहुंचे रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए मलेशिया ने एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया हैं. जो अगले महीने से शुरू होगा. ये प्रोजेक्ट रोहिंग्या मुस्लिमों के रोजगार से जुड़ा हुआ हैं.

मलेशिया यूनाइटेड नेशन्स हाई कमिशन फॉर रिफ्यूजी (यूएनएचसीआर) से मान्य प्राप्त 300 रोहिंग्या शरणार्थियों को 1 मार्च से कृषि और विनिर्माण क्षेत्र में नौकरी दी जायेगी. मलेशिया के उप-प्रधान मंत्री अहमद जाहिद हमीदी ने गुरुवार को बताया कि शरणार्थियों को कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों में काम करने वाले कंपनियों में नौकरी दी जाएगी.

उन्होंने आगे बताया कि रोहिंग्या मुस्लिमों को कौशल और वित्तीय मदद दी जाएगी ताकि वे दुबारा से अपनी नई ज़िन्दगी की शुरुआत कर सके. इसी के साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं होंगे उन्हें रोजगार नहीं मिलेगा.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

यूएनएचसीआर के अनुसार, मलेशिया में 151,000 रिफ्यूजी ने शरण ली हुई हैं. जिनमे से 55,000 रोहिंग्या मुसलमान हैं. इसी तरह अन्य देशों के रिफ्यूजी भी मलेशिया में शरण लिए हुए हैं.

Loading...