मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर में म्यांमार के रोहिंग्या मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार को लेकर 57 इस्लामिक देशों के संगठन Organisation of Islamic Cooperation (OIC) की बैठक के बाद अब म्यांमार सरकार की प्रतिक्रिया आई हैं.

म्यांमार इस बैठक को लेकर मलेशिया पर भड़क उठा हैं.  म्यांमार की और से जारी बयान में कहा गया कि ‘म्यांमार एक बौद्ध देश हैं. ऐसे में अफ़सोस हैं कि मलेशिया ने ”अपने एक निश्चित राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए” ये बैठक बुलाई. म्यांमार के विदेश मंत्रालय की और से जारी बयान में कहा गया कि सरकार ने लोगों की जान की रक्षा करने का प्रयास किया. साथ ही नए चरमपंथियों के हिंसक हमलों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर में इस्लामी सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की आपात बैठक में पारित हुए प्रस्ताव, घोषणा पत्र और अंतिम बयान में  म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के जनसंहार पर चिंता जताते हुए म्यांमार सरकार से अंतर्राष्ट्रीय क़ानून व मानवाधिकार का पालन करने और संकटग्रस्त क्षेत्रों में सुरक्षा क़ायम करने की मांग की गयी है. इस प्रस्ताव में म्यांमार सरकार से यह भी मांग की गयी है कि जो लोग अपराध में लिप्त है उन्हें सज़ा दे और इस बात को सुनिश्चित करे कि सुरक्षा बल क़ानून के अनुसार अमल कर रहे हैं.

इसी के साथ सयुंक्त राष्ट्र की जांच में भी स्पष्ट हो गया हैं कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर बौद्ध समुदाय के आतंकियों और सुरक्षा बलों के हाथों बड़े पैमाने पर अत्याचार हो रहा हैं. सयुंक्त राष्ट्र संघ की और से अपने प्रतिनिधि के रूप में 12 दिन की जांच के लिए म्यांमार भेजी गई यांग ली ने अपनी जांच के बाद कहा कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों की स्थिति की समीक्षा के बाद इस बात की पुष्टि की है कि वहां पर मुसलमानों के विरुद्ध हिंसक कार्यवाहियां की गई हैं.

Loading...