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रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ म्यांमार सुरक्षा बलों द्वारा किये जा रहे जुल्मों सितम को लेकर ईरान ने म्यांमार की सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि म्यांमार सरकार रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसक व्यवहार से बचे.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने सोमवार को साप्ताहिक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा समाज को चरमपंथ की ओर ले जा रही है और इस प्रक्रिया का जारी रहना क्षेत्र सहित दुनिया के किसी भी देश के हित में नहीं होगा. उन्होंने स्पष्ट रूप से म्यांमार सरकार को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि वह मुसलमानों के साथ हिंसक व्यवहार से बचे.

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संस्था यूएनएचसीआर के प्रमुख जॉन मैकइस्सिक ने हाल ही में कहा था कि म्यांमार , रोहिंग्या मुसलमानों का खात्मा चाहता है. म्यांमार के रखाईन प्रांत में रहने वाले रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ सुरक्षाबलो और सैन्य बलों ने एक अभियान चला रखा है. सैन्य बल वहां कत्लेआम आम कर रहा है. पुरुषो को गोली मारी जा रही है, उनके घर जलाए जा रहे है और महिलाओं के साथ बलात्कार किया जा रहा है.

इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के विशेष सलाहकार Adama Dieng ने इस बारे में कहा कि इन आरोपों को तत्काल रूप से सत्यापित किया जाना चाहिए और म्यांमार सरकार को हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में जाने की अनुमति देनी चाहिए. उन्होंने कहा, रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा और मानवाधिकार हनन के आरोपों  के कारण म्यांमार की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा दांव पर हैं.


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