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ढाका। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने ढाका में म्यामांर के राजदूत को तलब कर उनसे सभी रोहिंग्या मुस्लिम नागरिकों को जल्द स्वेदश वापस बुलाने की मांग की। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में गुरुवार को कहा कि विदेश मंत्रालय में सचिव (द्विपक्षीय एवं दूतावास संबंधी) कामरुल एहसान से मुलाकात के लिए राजदूत मायो मायिंट थान को बुलाया गया।

बीडीन्यूज 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक के दौरान एहसान ने बांग्लादेश में म्यांमार के राखिने राज्य से रोहिंग्या मुसलमानों के प्रवेश पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि म्यांमार के करीब 50,000 नागरिकों ने बांग्लादेश में 9 अक्टूबर से शरण ले रखी है। म्यामांर के करीब 300,000 नागरिक सालों से बांग्लादेश में रह रहे हैं।

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उन्होंने म्यांमार सरकार से रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ हालात पर चिंता जताते हुए समस्या का समाधान करने की भी बात कही हैं। ताकि रोहिंग्या मुसलमानों को सीमा पार कर बांग्लादेश नहीं आना पड़े। इससे पहले भी नवंबर में बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय इस मुद्दें पर म्यामांर के राजदूत को तलब कर अपनी चिंता जाहिर कर चूका हैं।

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संस्था यूएनएचसीआर के प्रमुख जॉन मैकइस्सिक ने ताजा हिंसा के बारें में कहा हैं कि म्यांमार रोहिंग्या मुसलमानों का खात्मा चाहता है।

म्यांमार के रखाईन प्रांत में रहने वाले रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ सुरक्षाबलो और सैन्य बलों ने एक अभियान चला रखा है। सैन्य बल वहां कत्लेआम आम कर रहा है। पुरुषो को गोली मारी जा रही है, उनके घर जलाए जा रहे है और महिलाओं के साथ बलात्कार किया जा रहा है। उन्होंने इसे रोहिंग्या मुसलमानों के जातीय सफाए की संज्ञा दी।

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