म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर बौद्ध आतंकियों और सुरक्षा बलों के हाथों सुनियोजित तरीके से हो रहे अत्याचार के खिलाफ ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि म्यांमार के मुसलामनों की  हिफाजत सभी इस्लामिक देशों की सामूहिक जिम्मेदारी हैं.

ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने इस्लामी जगत से एकजुट होकर म्यांमार के समुलमानों का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा, सभी इस्लामिक देशों को अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए म्यांमार सरकार पर दबाव डालना चाहिये ताकि वह रोहिंग्या मुसलमानों को उनका अधिकार दे.

इसके साथ ही उन्होंने अंतराष्ट्रीय समुदाय और अंतराष्ट्रीय मीडिया की भी आलोचना करते हुए कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों के बच्चों के समुद्र में डूबने के दर्दनाक मंज़र पर भी अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ख़ामोश बैठा रहा, ईरानी विदेश मंत्री ने इसी प्रकार रोहिंग्या मुसलमानों को तुरंत मानवीय सहायता भेजने की मांग की.

याद रहे कि 9 अक्तूबर 2016 को म्यांमार के राख़ीन प्रांत के नगर माउंगदाओ में सशस्त्र लोगों ने हमले किये थे जिसमें कम से कम 100 रोहिंग्या मुसलमान मारे गए थे इन हिंसक हमलों के कारण साठ हज़ार से अधिक रोहिंग्या मुसलमान, म्यांमार छोड़कर बांग्लादेश भाग गए थे.


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