म्यांमार के राखिने राज्य में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती को मुस्लिम अल्पसंख्यक के प्रतिनिधित्व वाले एक समूह ने “रोहिंग्या नरसंहार” को आगे बढ़ाने के रूप में लिया.

दरअसल गुरुवार को सेना ने लगभग 500 सैनिकों को उत्तरी राखीन के मोंगडाऊ क्षेत्र में भेजा, जहां रोहंगिया मुस्लिम बहुसंख्यक है. यूरोपीय रोहिंगिया काउंसिल के चेयरमैन हला क्यूव ने कहा कि सेना 33 वें लाइट इन्फैंट्री डिवीजन से थी, उन्होंने लाइट इन्फैंट्री डिवीजन “जातीय समुदायों के खिलाफ मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के संबंध में सबसे कुख्यात सैन्य इकाई” के रूप में वर्णित किया.

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उन्होंने कहा कि सेना की तैनाती की तैयारी रख़ीन में स्थायी सैन्य उपस्थिति स्थापित करने के लिए और साथ ही “रोहिंग्या नरसंहार” को बढाने के लिए की गई. उन्होंने कहा: “रोहंग्या नरसंहार की बढ़ाना सेना का प्राथमिक लक्ष्य है.

क्यूव ने बताया, राखीन राज्य में अस्थिरता का उपयोग सेना के भारी और स्थायी उपस्थिति के लिए एक बहाने के रूप में किया जाता है. पिछले महीने  मोंगडा क्षेत्र के सात गांव वाले की हत्या के कारण तनाव बढ़ गया है.

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