रोहिंग्या संकट को लेकर म्यांमार की वास्तविक नेता और विदेश मंत्री आंग सान सू की की दुनिया भर में आलोचना हो रही है. ऑक्सफ़र्ड यूनिवर्सिटी द्वारा उनके पोट्रेट को हटाये जाने के बाद अब उनसे एक और अवार्ड भी छीन लिया है.

ऑक्सफ़र्ड के नगर पार्षदों ने सूकी से 1997 में दिए गए “फ़्रीडम ऑफ़ ऑक्सफ़र्ड” पुरस्कार वापस ले लिया.  इस पुरस्कार को सूकी ने 2012 में ख़ुद जाकर ग्रहण किया था.

ऑक्सफ़र्ड की पार्षद मेरी क्लार्क्सन ने सोमवार को बैठक के बाद कहा कि मुस्मिल अल्पसंख्यकों के म्यांमार की सेना के हाथों जातीय सफ़ाए को रुकवाने के लिए सूकी के कार्यवाही न करने के जवाब में यह अभूतपूर्व क़दम उठाया गया.

उन्होंने कहा, “ऑक्सफ़र्ड अपनी मानवता व विविधता की लंबी परंपरा के लिए जाना जाता है और हमारी छवि उन्हें सम्मानित करने से धूमिल हुयी जिन्होंने हिंसा की ओर से आंखें मूंद लीं.”

ध्यान रहे इससे पहले ऑंगफोर्ड यूनिवर्सिटी के सेंट ह्यूग कॉलेज की दीवार से ऑंग सान सु की पोर्ट्रेट हटा दिया गयाजापानी कलाकार योशिहिरो टकडा की पेंटिंग से तैयार हुआ ये पोर्ट्रेट  कॉलेज के मुख्य भवन के द्वार पर लगा हुआ था.

 

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