Saturday, October 23, 2021

 

 

 

रोहिंग्या संकट: बांग्लादेश चाहता है भारत का हस्तक्षेप, कहा – ज्यादातर बच्चे और महिलाएं, नहीं कह सकते आतंकी

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म्यामांर से हिंसा की वजह से भागकर आ रहे रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर बांग्लादेश अपने पडोसी दोस्त भारत की बड़ी भूमिका चाहता है.

भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त सैयद मुअज्जिम अली ने कहा कि  ‘पड़ोस में लगी आग’ पूरे क्षेत्र को निगलने की क्षमता रखती है और आपसी हितों के लिए इस मामले में भारत द्वारा कार्य करना विवेकपूर्ण होगा. उन्होंने कहा की भारत को भले ही यह मुद्दा अभी प्रभावित नहीं कर रहा हो लेकिन जल्द ही भविष्य में इसका प्रभाव पड़ेगा.

इस दौरान रोहिंग्याओं के आतंकी बताएं जाने पर उन्होंने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों में 60% महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग हैं. ऐसे में हम इन बच्चों या महिलाओं को आतंकवादी नहीं कह सकते. वे बेहद ही मुश्किल परिस्थितियों में रह रहे हैं. उन्होंने कहा, हमें मानवीय पक्ष को भी ध्यान में रखना होगा.

सैयद मुअज्जिम अली ने फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में कहा, ‘हमारे पड़ोस में आग लगी हुई है. इससे पहले कि यह आग पूरे क्षेत्र को निगल जाए, इसे बुझाने की जरूरत है.’

ध्यान रहे भारत सरकार इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए देश में रह रहे रोहिंग्या मुस्लिमों को भी डिपोर्ट करना चाहती है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई तक रोहिंग्या मुस्लिमों को देश से निकालने पर रोक लगा रखी है. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी.

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