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सऊदी अरब की अक्सर महिलाओं पर पाबंदी के चलते आलोचना की जाती रही है. लेकिन हाल ही में सऊदी हुकूमत ने महिलाओं से जुड़े कुछ ऐसे बड़े फैसले लिए जिनकी दुनिया भर में तारीफ़ हो रही है. उन्ही में से एक सऊदी महिलाओं को ड्राइविंग की इजाजत देना.

इसी तरह अब सऊदी महिलाओं को सार्वजानिक रूप से अहम् ओहदों की जिम्मेदारी दी जा रही है. प्रिंस बंदर बिन सुलतान की बेटी रीमा को खेल फ़ेडरेशन का अध्यक्ष पद सौंपा गया है. तो वहीँ एक और अन्य महिला को भी एक स्पोर्ट्स फ़ेडरेशन में बड़ा पद दिया गया है.

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रीमा बिन्ते बंदर बिन सुलतान का जन्म 1975 में रियाज़ में हुआ. उन्होंने अमरीका की जार्ज वाशिंग्टन युनिवर्सिटी में म्युज़ियम और एतिहासिक अवशेष संरक्षण से सबंधित शिक्षा हासिल की है. रीमा के पिता बंदर बिन सुलतान लंबे समय तक अमरीका में सऊदी अरब के राजदूत रहे है.

सउदी अरब में नौकरियों में भी कई महिलाएं इस वर्ष नियुक्त की गई हैं, ये फैसला सुधारों के एक बड़े कार्यक्रम के तहत लिया गया है. जिसमें महिलाओं को काम में प्रोत्साहित करना शामिल हैं.

सारा अल- सुहैमी और रानिया नशर ये बड़े उदहारण है. सुहैमी को सऊदी अरब के स्टॉक एक्सचेंज के अध्यक्ष और नशर को सांबा फाइनेंशियल ग्रुप के सीईओ की जिम्मेदारी दी गई. इसके अलावा लतीफा अल-सबान को अरब नेशनल बैंक (एएनबी) के मुख्य वित्तीय अधिकारी नियुक्त किया गया.