एर्दोगान ने उठाया मीडिया के दोगलेपन पर सवाल – न्यूजीलैंड में 50 लोगों को मारने वाला आतंकी क्यों नहीं?

7:12 pm Published by:-Hindi News
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तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान ने न्यूज़ीलैंड में दो मस्जिदों पर हमला करने वाले हमलावर को पश्चिमी मीडिया द्वारा आतंकवादी नहीं कहने की आलोचना की है। बता दें कि इस हमले में 50 से अधिक नमाज़ियों की जान गई थी। जिसमे तुर्की के नागरिक भी शामिल थे।

तुर्की के अज़मीर शहर में तुर्क राष्ट्रपति अर्दोगान ने पश्चिमी देशों की सरकारों से कहा कि न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च जैसी आतंकवादी घटना दोबारा नहीं घटे, इसके लिए प्रभावी योजना तैयार करें। राष्ट्रपति ने कहा कि संदिग्ध दो बार तुर्की का दौरा कर चुके थे और चाहते थे कि तुर्की के मुस्लिमों को तुर्की के यूरोपीय क्षेत्र से हटाकर बोस्फोरस के पश्चिमी हिस्से में रखा जाए।

एर्दोगन ने गज़ियांटेप में एक रैली में कहा: “यह क्या कहता है? कि हमें बोस्पोरस के पश्चिम में नहीं जाना चाहिए, जिसका अर्थ है यूरोप। अन्यथा, वह इस्तांबुल में आएगा, हम सभी को मार देगा, हमें हमारी जमीन से बाहर निकाल देगा।”

एर्दोगन ने तुर्की के मुख्य विपक्षी सीएचपी पार्टी के नेता केमल किलिक्रोग्रोग्लू की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने “इस्लामिक दुनिया में आतंकवाद की जड़” के बारे में बात करते हुए एक क्लिप दिखाई।

इससे पहले उन्होने ट्वीट कर कहा था कि यह हमला इस्लाम के प्रति बढ़ती शत्रुता को दर्शाता है । जिसे दुनिया द्वारा “मूर्खतापूर्ण” के तौर पर देखा जाता है। वहीं राष्ट्रपति के प्रवक्ता इब्राहिम कलिन ने ट्विटर पर लिखा, “इस हमले से इस्लाम और मुसलमानों  तक दुश्मनी करने वाले के पहुंचने की बात जाहिर होती है।”

उन्होने कहा, “हमने इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ कई बार इस्लामोफोबिक प्रवचन को एक विकृत और जानलेवा विचारधारा में बदल दिया है। दुनिया को इस तरह के प्रवचन के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और इस्लामोफोबिक फासीवादी आतंकवाद को रोकना चाहिए।

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