03 turkey 13

एक आतंकी पादरी को लेकर अमेरिका और तुर्की के बीच बिगड़े सबंधों ने आर्थिक दुनिया में कोहराम मचा कर रख दिया है। आतंकी पादरी को रिहा कराने के लिए अमरीका ने तुर्की पर प्रतिबंध लगाकर दबाव डालना शुरू कर दिया है। लेकिन तुर्की ने भी झुकने से इंकार कर दिया।

इसी बीच लीरा संकट झेल रहे तुर्की के लिए अच्छी खबर आई है। इस मुसीबत की घड़ी में तुर्की को कतर का साथ मिला है। कतर अमीर शैख़ तमीम ने कहा कि उनका देश तुर्की की अर्थ व्यवस्था को सहारा देने के लिए 15 अरब डालर का प्रत्यक्ष निवेश करेगा ताकि तुर्क करेन्सी लीरा में मची उथल पुथल को रोका जा सके।

दोहा सरकार ने तुर्की को एसे समय सहारा दिया है जब अमरीका के ट्रम्प प्रशासन की ओर से तुर्की के ख़िलाफ़ भयानक आर्थिक हमला शुरू कर दिया है ताकि तुर्की की अर्थ व्यवस्था ध्वस्त हो जाए और लीरा बहुत कमज़ोर हो जाए। ट्रम्प प्रशासन ने अमरीका निर्यात होने वाले तुर्क उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर दुगना कर दिया है।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

दूसरी और तुर्की ने अमरीकी उत्पादों पर भी टैक्स लगा दिया है। साथ ही लीरा को संभालने के लिए कुछ क़दम उठाए हैं जिसके नतीजे में लीरा के मूल्य में लगातार जारी गिरवट को रोकने में सफलता मिली है। लीरा के मूल्य में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है और विशेषज्ञों का कहना है कि क़तर की ओर से 15 अरब डालर के निवेश के बाद लीरा की स्थिति में और भी सुधार आएगा।

तुर्क राष्ट्रपति के प्रवक्ता इब्राहीम क़ालिन ने ट्वीट किया कि तुर्की और क़तर के संबंध सच्ची दोस्ती के आधार पर केन्द्रित हैं मगर उन्होंने यह नहीं बताया कि क़तर का यह निवेश किस तरह वितरित किया जाएगा।

Loading...