क़तर और सऊदी अरब तथा उसके सहयोगी देशों के बीच रिश्तें सुलझने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे है. इसी बीच अब क़तर ने भी अपना रुख कड़ा करते हुए कहा कि वह सऊदी अरब की चुनोतियाँ का डटकर मुकाबला करेगा.

क़तर के विदेशमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान आले सानी ने कहा कि सऊदी अरब और उसके समर्थक क़तर को अपना ग़ुलाम बनाना चाहते हैं लेकिन क़तर उनके सामने घुटने नहीं टेकेगा. उन्होंने ने कहा कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरैन ने हमारे उपर प्रतिबंध लगाकर और हमे घेरकर हमपर आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया और अब उसका खंडन कर रहे हैं.

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मुहम्मद बिन अब्दुल रहमान आले सानी ने कहा कि इन देशों के निराधार आरोपों और बयानों में पाया जाने वाला विरोधाभास, उनके द्वारा हम पर लगाए गए आरोपों के झूठे होने का सबसे बड़ा सबूत है.

क़तर के विदेशमंत्री ने फ़ार्स की खाड़ी के कुछ अरब देशों के साथ उनके मतभेदों को हल करने के लिए कुवैत के प्रयासों की ओर संकेत करते हुए कहा कि सऊदी अरब, बहरैन और अमीरात ने न केवल अपनी मांगों की सूची जारी नहीं की बल्कि मतभेद का शिकार हैं कि अपनी मांगों की सूची को कुवैत के समक्ष पेश करें या अमेरिका के।

क़तर के विदेशमंत्री ने कहा कि क़तर की स्ट्रैटेजी वार्ता पर आधारित है और समस्याओं को बातचीत के माध्यम से ही हल करना चाहिए.

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