Tuesday, October 26, 2021

 

 

 

जेट एयरवेज में कतर का निवेश से इनकार, अबू धाबी को बताया दुश्मन मुल्क

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मुंबई. कतर एयरवेज ने भारतीय एयरलाइन जेट एयरवेज में हिस्सेदारी खरीदने से इनकार कर दिया है। कतर ने ये फैसला UAE की वजह से लिया है। दरअसल, जेट एयरवेज में अबू धाबी की सरकारी कंपनी एतिहाद एयरवेज की बड़ी हिस्सेदारी है।

रॉयटर्स के मुताबिक कतर एयरवेज के सीईओ अकबर-अल-बकर ने मंगलवार को एविएशन कॉन्फ्रेंस में कहा कि जेट एयरवेज में अबू धाबी की एतिहाद एयरवेज हिस्सेदार है। अबू धाबी, उनके देश कतर का दुश्मन है। बकर ने कहा कि इसके बजाय वो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में शेयर खरीदना पसंद करेंगे।

बकर ने कहा कि कतर एयरवेज भारत में अपने पूर्व स्वामित्व वाली एयरलाइन शुरू करना चाहती है लेकिन विदेशी निवेश के मौजूदा नियमों की वजह से ऐसा संभव नहीं है। बकर ने भारत और चीन को तेजी से बढ़ता एविएशन मार्केट बताया। उन्होंने कहा कि हम दोनों देशों में रणनीतिक निवेश करना चाहते हैं क्योंकि कतर एयरवेज खुद भी तेजी से बढ़ती एयरलाइन है।

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ध्यान रहे अबू धाबी संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई का हिस्सा है, जिसके संबंध कतर से खराब हैं। यूएई समेत 4 देशों ने जून, 2017 में कतर पर आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाया था और उससे अपने सभी संबंध समाप्त कर लिए थे। यूएई के अलावा सऊदी अरब, मिस्र और बहरीन ने भी कतर से अपने संबंध खत्म कर लिए थे।

इस बीच सोमवार को एतिहाद एयरवेज से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कंपनी आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना बना रही है। फिलहाल एतिहाद के पास जेट के 24% शेयर हैं।

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