bin salman

आने वाले दिनों मे सऊदी अरब मे काम करने वाले भारतीयो के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती है। दरअसल, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की नई नीतियों के चलते ये ऐसा हो सकता है।

अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए प्रिंस सलमान नीतियों में कई बदलाव कर रहे हैं। जिसका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि दर में गति लाना है। दरअसल, हालांकि सऊदी में विदेशी कंपनियां सरकार की मांग पूरी करने में जूझ रही हैं।

नई नीतियों के मुताबिक अब देश की निजी और विदेशी कंपनियों को सऊदी अरब के नागरिकों को नौकरी देना जरूरी होगा। जबकि दशकों से इन्हीं कामों को भारतीय और फिलीपींस के लोग करते आए हैं।

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सऊदी अरब इस साल सितंबर से अलग-अलग क्षेत्रों में सऊदी मूल के कामगारों को नौकरी पर रखने के लिए दबाव बना रहा है। इसका असर सेल्समैन, बेकरी, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स में काम करने वाले भारतीय कामगारों की नौकरियों पर पड़ना तय है।

सऊदी के क्राउन प्रिंस इस बात पर भी ज़ोर दे रहे हैं कि लोग सरकारी नौकरी का मोह छोड़ प्राइवेट सेक्टर की तरफ़ रुख़ करें। सऊदी के श्रम मंत्रालय के अनुसार यहां के क़रीब दो तिहाई लोग सरकारी नौकरी करते हैं। इसके अलावा सेल्समैन के काम में भी सऊदी के नागरिकों को रखने के दबाव के कारण भारतीयों को झटका लग सकता है।

सऊदी के श्रम मंत्रालय के अनुसार 2017 में यहां बेरोज़गारी दर 12.8 फ़ीसदी थी, जिसे 2030 तक 7 फ़ीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है।

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